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कैलास मानसरोवर यात्रा चढ गयी कोरोना वायरस की भेंट

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रिपोर्ट : अजीत कुमार पाण्डेय

 

प्रदेश आजतक : सीमांत जिले पिथौरागढ के रास्‍ते प्रतिवर्ष जून में होने वाली सुप्रसिद्ध कैलास मानसरोवर यात्रा कोरोना वायरस के चलते इस वर्ष नहीं हो सकेगी. Uttarakhand उत्‍तराखंंड के लिपूलेख दर्रे के रास्‍ते यात्रा आयोजित कराने वाली संस्‍था कुमाऊं मंडल विकास निगम यानी KMVN केएमवीएन के GM जीएम अशोक जोशी ने प्रदेश आजतक को बताया कि इस बार यात्रा की संभावना खत्‍म हो चुकी है.

हर बार फरवरी में ही विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में काफी कुछ तय हो जाता था. लेकिन इस बार मार्च खत्‍म हो गया और इस मार्फत कोई चर्चा तक नहीं हुई है. मानसरोवर यात्रा के दौरान monsoon मानसून का भी ध्‍यान रखना पड़ता है. ऐसे में फिलहाल यात्रा की संभावना खत्‍म हो चुकी है.

पिछले वर्ष 17 मार्च से शुरू हो गए थे पंजीकरण

जून माह से शुरू होने वाली प्रसिद्ध कैलास मानसरोवर यात्रा की तैयारियों को लेकर विदेश मंत्रालय हर साल KMVN केएमवीएन, ITBBP आइटीबीपी, पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करता रहा है. इसी बैठक में जत्थों व यात्रियों की संख्या, यात्रा के route रूट समेत अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा होती है. इस बैठक के बाद ही विदेश मंत्रालय द्वारा यात्रा के लिए online registration ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किए जाते हैं.लेकिन इस बार अब तक पंजीकरण शुरू होना तो दूर रहा विदेश मंत्रालय की बैठक तक नहीं हुई है. जबकि पिछली बार यह बैठक 22 फरवरी को हो चुकी थी. 17 मार्च के बाद यात्रा के लिए पंजीकरण भी शुरू हो चुके थे. निगम प्रबंधन यात्रा तैयारियों की बैठक को लेकर विदेश मंत्रालय के पत्र का इंतजार कर रहा है.

KMVN को होगा करोड़ों का नुकसान

कैलास मानसरोवर यात्रा से कुमाऊं मंडल विकास निगम को हर साल करीब साढ़े तीन करोड़ आय होती है। कैलास यात्रा के पड़ावों में भारतीय क्षेत्र में अल्मोड़ा, धारचूला, बूंदी, गुंजी, नाभी, कालापानी, नाभीढांग है. उच्च हिमालयी क्षेत्र के पड़ावों पर पोनी पोर्टर भी करीब 12 से 15 लाख सालाना कमाते हैं. लेकिन इस बार यात्रा न होने से निगम को करोड़ों का नुकसान होगा.

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