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अयोध्या : रजत सिंहासन पर विराजेंगे श्री रामलला जाने खूबियां..

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डेस्क

 

प्रदेश आजतक : श्री रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को साढ़े 9 किलो का रजत सिंहासन अयोध्या नरेश व ट्रस्टी विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र ने भेंट की है. साढ़े नौ किलो चांदी से निर्मित इस सिंहासन को जयपुर के कारीगरों ने बनाया है.

सिंहासन की खूबियां

बता दें कि इस इस सिंहासन की लंबाई 25 गुणा, चौड़ाई 15 गुणा व ऊंचाई 30 इंच है. इसके ऊपर सुंदर नक्काशी वाला छत्र भी लगा है. इसके साथ ही पूरे सिंहासन पर महीन नक्काशीदार के साथ सूर्यवंश के प्रतीक भगवान भाष्कर के साथ दाएं व बांए राष्ट्रीय पक्षी मोर का चिह्न है.

राजपरिवार की ओर से प्रदान किए गए रजत सिंहासन पर विराजेंगे रामलला

अयोध्या नरेश विमलेन्द्र मोहन ने बताया कि मछली अवध के नवाब का प्रतीक था लेकिन प्राचीनकाल के राजवंशों का प्रतीक चिह्न मोर ही रहा है. यह चक्रवर्ती नरेश का आभामंडल ही है कि नए भवन में वह अयोध्या राजपरिवार की ओर से प्रदान किए गए रजत सिंहासन पर रामलला विराजमान होंगे.वहीं इस रजत सिंहासन के दान के लिए रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राज परिवार के प्रति आभार ज्ञापन करते हुए कुशलता की शुभकामना दी.

राजसदन में आयोजित संक्षिप्त समारोह में अयोध्या नरेश श्रीमिश्र के अलावा उनके अनुज डा. शैलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र व उनके पुत्र व युवा साहित्यकार यतीन्द्र मोहन मिश्र ने सिंहासन को संयुक्त रूप से ट्रस्ट को भेंट किया. सिंहासन प्राप्त करने वालों में ट्रस्ट के महासचिव श्रीराय के अतिरिक्त दूसरे ट्रस्टी डा. अनिल मिश्र, जिलाधिकारी व ट्रस्टी अनुजकुमार झा शामिल थे. साक्षी के रूप में महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा विधायक वेदप्रकाश गुप्त व गृह विभाग के नोडल अधिकारी अशोक सिंह मौजूद रहे.

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