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जमुई : भगवान महावीर का शाश्वत प्रतिष्ठा कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न

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रिपोर्ट : अभीषेक कुमार

 

प्रदेश आजतक : भगवान महावीर की जन्मभूमि क्षत्रिय कुंड ग्राम में शनिवार को शाश्वत प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार धूमधाम से संपन्न हो गया. भगवान के शाश्वत प्रतिष्ठा के मौके पर क्षत्रिय कुंड ग्राम में अभूतपूर्व सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी, जिसकी मानिटरिंग जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार व पुलिस अधीक्षक डॉ एनामुल हक मेंगनूं स्वयं कर रहे थे.

पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया संवारा गया था और ढोल, नगाड़े की गूंज गुंंज रही थी. हजारों जैैन भक्त्तों के लिए बीते आठ दिनों से लंगर की व्यवस्था चल ही रही थी. शनिवार को भगवान के शाश्वत प्रतिष्ठा के मौके पर उस क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए मंदिर परिसर से लगभग दो किलोमीटर दूर अलग से खाना की व्यवस्था की गई थी, जिसमें हजारों लोगों नें भोजन ग्रहण किया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को क्षत्रिय कुंड ग्राम पहुंचना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वे इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर पाए. सरकार के सलाहकार अंजनी कुमार हैलीकॉप्टर से क्षत्रिय कुंड ग्राम पहुंचे थे और उन्होंने भगवान महावीर के दर्शन के साथ साथ जैन मुनियों से मुलाकात की. पटना वापस लौटने से पूर्व उन्होंने वहीं पत्रकारों से वार्ता के क्रम में बताया कि यह उनका यहां तीसरा विजिट था. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय कुंड ग्राम को जैन सर्किट से जोड़ने की कवायद तेजी से चल रही है जो बहुत ही जल्द पूरी हो जाएगी.

शाश्वत प्रतिष्ठा में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार सेवानिवृत मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कुंडघाट से जन्मस्थान तक के पैदल रास्ते को चालू रखने के लिए जल्द ही ईको ब्रिज निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दिए जाने की घोषणा की. इसके साथ ही सौर ऊर्जा एलईडी से जन्मस्थान से लेकर लछुआड़ तक की सड़कें जग-मग होंगी. साथ ही जमुई के हवाई अड्डे की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर उसके विकास की बात पर मुख्यमंत्री से विमर्श करने तथा रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी सहमति प्रदान की गई.

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और सरकार जल्द से जल्द इसे पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध है. जैन मुनि विजय नयवर्द्धन सुरीस्वर जी महाराज ने मौके पर सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सरकार के सलाहकार को बताया अहिंसा के उपासक भगवान महावीर की जन्मभूमि हिंसा से ग्रसित है. उन्होंने कहा कि जैन धर्म का इस क्षेत्र में पहले काफी विस्तार हुआ करता था जो कालान्तर में सिमटता चला गया. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय कुंड ग्राम का जितना विस्तार होगा इतनी ही इस क्षेत्र में समृद्धि आएगी. जैन मुनि ने अहिंसा पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को इस विषय पर कोई ठोस पहल करनी चाहिए.

आपको बता दें कि जैन मुनियों के अनुसार इसके पहले 2600 वर्ष पूर्व भगवान के अग्रज नंदी वर्धन ने उनकी जीवित प्रतिमा की शाश्वत प्रतिष्ठा तब की थी जब वर्धमान ने 30 वर्ष की उम्र में गृह त्याग किया था. संभवत: यही वजह है कि जैन धर्मावलंबियों ने भगवान महावीर की जन्मभूमि बीच जंगल में स्थित होने के बावजूद इस महोत्सव को अभूतपूर्व बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी. जिनशासन सेवा समिति एवं जैन श्वेतांबर सोसाइटी ने इसे 2600 साल में पहली बार तथा जैन धर्म में जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए आखरी अवसर बताया है.

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