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केंद्रीय मंत्री से 2 करोड की ब्लैकमेलिंग मे महिला पत्रकार गिरफ्तार

चैनल का मालिक आलोक फरार, पत्रकारिता में नोएडा फिर शर्मसार

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रिपोर्ट : अजय प्रताप सिंह

 

प्रदेश आजतक : यह हैरत अंगेज समाचार फिर नोएडा की ही बदकिस्मती का सबब बन गया, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाली मीडिया के माथे पर एक और कलंक फिर नोएडा में लग गया. जहां केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा को स्टिंग ऑपरेशन कर लेने की बात कहकर समाचार इस चुनावी मौसम मे न चले इसके एवज मे एक यूट्यूब चैनल के मालिक आलोक कुमार ने मंत्री जी से 2 करोड़ रुपए की मांग कर दी, यही नहीं उसने अपने चैनल की महिला पत्रकार को एक पत्र देकर मंत्री की यशोदा हास्पिटल भेज दिया, पत्र मे लिखा कि शाम तक 50 लाख देँ वरना स्टिंग चैनल पर चला दिया जायेगा. बकाया रकम दो चार दिन में देने की माँग भी की गयी है.

बैकोल केन्द्रीय मंत्री आलोक कुमार 24 मार्च को उनके कैलाश अस्पताल सेक्टर 27 मे शहर की मशहूर समाजसेवी उषा ठाकुर के साथ आया था. यहां उसने अपने को आई टी कंपनी रचना साल्यूशंस के सीईओ के रूप में परिचय देते हुए चुनाव में मदद करने की बात कही थी, आलोक कुमार ने बताया था कि उनकी कंपनी के 60 मैनेजर और 300 कर्मचारी डोर टू डोर जाकर कंपेन करेंगे. इसके 16 दिन बाद फिर उसका फोन आया था, जिसमें उसने कहा था कि मंत्री जी आपका स्टिंग ऑपरेशन किया गया है.

तथा तब उसने अपने को प्रतिनिधि नामक चैनल से हूं जो नोटबंदी की वजह से घाटे में चला गया है, तब उसने उनसे चैनल मे शेयर लेने अथवा खरीदने की बात कही, महेश शर्मा ने बताया कि चुनावी व्यस्तता की वजह से मैने चुनाव बाद बात करने को कहा, इसके बाद उसने रविवार को मैसेज किया कि मै स्टिंग को चैनल पर चला देँ इससे पहले उनकी प्रतिनिधि उनसे पत्र लेकर मिलेगी. मंत्री जी ने कहा… उन्हें नहीं पता स्टिंग ऑपरेशन में क्या है.सोमवार एक महिला ने मंत्री जी के मैनेजर अजय शर्मा को एक पत्र दिया जिसमें शाम तक 50 लाख रुपये देने की बात लिखी थी. इसके अलावा चैनल मे हिस्सेदारी खरीदने के लिए 7,8 करोड़ लोन दिलाने की बात भी लिखी है. कल फिर चैनल के मालिक आलोक कुमार ने मंत्री जी को व्हाट्सएप पर काल कर गोली मार देने की धमकी भी दी है

वहीं शातिर आलोक कुमार द्बारा प्रयोग की गयी समाज सेवी उषा ठाकुर ने भरे गले से कहा कि यह उन्हें समाज सेवा का ईनाम मिला है. लेकिन मंत्री जी ने कहा है कि वे उषा ठाकुर के खिलाफ शिकायत नहीं करेंगे. इस प्रकरण ने मीडिया में घूस आये भेडियों द्बारा फिर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को एक बार फिर नोएडा में ही लहूलुहान कर दिया है, इससे पहले जनवरी में ही तीन पत्रकार काल सेँटरो से अवैध उगाही की कोशिशों में एक थानाध्यक्ष सहित धरे गये थे, तो इस प्रकरण मे भी एक रिटायर्ड डीएसपी जाँच के घेरे में है वहीं अभी और कुछ पत्रकारों के इसमें शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है.

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