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अस्पताल के शिलान्यास को लेकर भाजपा कांग्रेस आमने-सामने खूब चले लात-घूसे 

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रिपोर्ट : संतोष राज अग्रवाल

 

प्रदेश आजतक : ग्वालियर जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे ही मध्य प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं से लेकर विधायक सांसद और मंत्री गण सभी जनता के सामने अपने आप को सर्वश्रेष्ठ घोषित करने में लगा हुआ है. पर उन्हें जनता के सुख-दुख से मतलब नहीं है. सिर्फ अपने आप को जनता का मसीहा बनाने के लिए कई बार आमने-सामने आ जाते हैं. और बात मुंह बाद से शुरू हो हाथा पाई लात घुंसे के साथ भारी तनाव के बीच मारपीट करने से भी नहीं चूकते हैं. ऐसा ही एक वाक्य आज शहर में उस समय उत्पंन हो गया जब ग्वालियर में जेएएच समूह में 1000 बिस्तर के नवीन अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचने वाले थे.

पर उन्हें कुछ बिलंब हो गया उनसे पहले लश्कर पूर्व के विधायक मुन्ना लाल गोयल कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे उस जगह शिलान्यास कार्यक्रम का विरोध कर रहे मुरैना सांसद अनूप मिश्रा और उनके सैकड़ों समर्थकों ने   मुन्ना लाल गोयल को देखते ही उन पर हमला बोल दिया और उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया जब इस घटनाक्रम की जानकारी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मिली तो वह भी तुरंत मौके पर पहुंचे और भाजपा कांग्रेस आमने-सामने आ गए जम कर हाथा पाई हों गई खुब लात घुंसे चल रहे थे. इतने में भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुच गया.

उन्होंने दोनों दलों के बीच मारपीट करने वाले लोगों को रोकने की बहुत कोशिश की इस तरह पुलिस को बीच में आता देख कर भाजपा के कार्यकर्ताओं को और गुस्सा आ गया और वह लोग पुलिस के जवानों के साथ भी झूमाझटकी करने लगे. और भाजपा के एक कार्यकर्ता ने तो पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को तमाचा जड़ दिया तब हालात और बेकाबू हो गए फिर पुलिस ने जबाव में अश्रुगैस के साथ पानी की बौछार करके भीड़ को नियंत्रित किया और भाजपा सांसद अनूप मिश्रा और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया.

दरअसल मामला यह है कि 1000 बिस्तर अस्पताल का ये प्रोजेक्ट शिवराज सिंह सरकार के कार्यकाल का है. कुछ तकनीकी पेंच आने के कारण इसका भूमिपूजन नहीं हो पाया था. अब सरकार बदली तो स्थानीय कांग्रेस विधायक ने इस अस्पताल का भूमिपूजन और अंचल के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कराना तय किया गया. इसी बात को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई. बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही यहां इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करते हुए उन्होंने सड़क भी जाम कर दी थी.

1000 बिस्तर वाले इस अस्पताल के लोकार्पण को लेकर पिछले कुछ दिनों से भारी तनाव था. विरोध कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल को कार्यक्रम स्थल की ओर जाने नहीं दिया. पुलिस द्वारा काफी समझाइश के बाद भी भाजपा कार्यकर्ता यहां से नहीं हटे. इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों में झड़प हो गई. धक्का-मुक्की के साथ शुरू हुई ये झड़प जब नियंत्रित नहीं हुई तो पुलिस ने यहां कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसा दी. इससे पूरे प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी मच गई. लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल भी हुए.

लाठीचार्ज के बाद भी विरोध जारी रहा था तो पुलिस ने वॉटर केनन चलाकर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा. इसमें भी कई कार्यकर्ता घायल हुए. बाद में करीब 300 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया. इस पूरे मामले को लेकर महापौर विवेक शेजवलकर का कहना था कि ये नैतिक रूप से गलत है. काम किसी का और श्रेय कोई दूसरा ले, यह लोकतंत्र के विरुद्ध है. केवल पत्थरों पर नाम लिखकर श्रेय नहीं लेना चाहिए.

इधर कांग्रेस का कहना है कि हजार बिस्तर के अस्पताल के लिए भाजपा सरकार केवल भूमिपूजन तक सीमित रही. लेकिन सत्ता में आते ही कांग्रेस ने इस मामले में तेजी से काम किया और सारी बाधाएं दूर की.इसलिए भाजपा को विरोध का नैतिक अधिकार नहीं है.

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